मुंबई: बॉलीवुड इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल सीजन 4 का सफल आयोजन 20 जनवरी को मुंबई में हुआ

प्रोग्राम में आगे गत वर्ष इस दुनिया को छोड़ कर गए सिनेमा जगत की हस्तियों को याद करके उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जिसमें सतीश कौशिक, गूफी पेंटल, जूनियर महमूद, बीरबल आदि शामिल हैं।
बिफ्फ़ का आगाज़ बहुत ही शानदार रहा। सुबह 10 बजे से शाम से 7 बजे तक दिखाई जाने वाली फिल्मों ने दर्शकों को बांधे रखा। फ़िल्मों का आगाज़ डायरेक्टर विपन महावत की बहुत ही प्यारी और खूबसूरत राजस्थानी फिल्म परीक्षा से हुआ। इसके बाद स्पेन की शार्ट फ़िल्म इट्स दू लेट दिखाई गई जिसके डायरेक्टर पैड्रो मोराल्के थे। लंच के बाद डायरेक्टर बालेन्दु डी कौशिक की शार्ट डॉक्यूमेंट्री काशी मनिकर्निका रहस्य और मोक्ष का मंचन हुआ। इसके बाद अमेरिका की बहुत ही प्यारी डायरेक्टर कायली टेन की स्टूडेंट फिल्म हैड इन द क्लाउड्स ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। इंडिया के डायरेक्टर प्रशांत एस नायका के म्युज़िक वीडियो कप्पे रागान्द सॉन्ग ऑफ़ कुंबरा ने हॉल में बैठे लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद इंडिया से डायरेक्टर मुदस्सिर जुफर भट्ट की मोबाइल फ़िल्म द वर्ल्ड हैज़ एन डेथ दिखाई गई। लॉन्ग शॉर्ट फिल्म के अंतर्गत ऑस्ट्रेलिया की डायरेक्टर योगी देवगन की मार्मिक फ़िल्म द साइलेंट एस्केप ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लॉन्ग शॉर्ट फिल्म में ही इंडिया की हिरणचा अंबा दिखाई गई जिसके डायरेक्टर अभिजीत पचंगाने हैं। इंडिया से ही शॉर्ट फिल्म में निशा लूथरा की प्यारी सी फ़िल्म बुन्दा पेश की गई। स्टूडेंट फ़िल्म के अंतर्गत डायरेक्टर यांग ज़िमिक निर्देशित साइलेंस इन द लाइब्रेरी को दिखाया गया। आगे स्पेन से ही डायरेक्टर थयूगो क्यूरा की शॉर्ट फ़िल्म सोशियो दिखाई गई।

फांस से सेवास्चियन सालाज़ क्लारो की शॉर्ट फ़िल्म अलमा को दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद इंडिया से डायरेक्टर प्रसांत मुरली पदमानभान की फ़िल्म बटरफ्लाई-गर्ल-85 का पर्दापण हुआ। एक दिवसीय बिफ़्फ़ फेस्टिवल के आखिरी हिस्से में बेस्ट कैटेगरी को अवार्ड से नवाजा गया। जिसके अंतर्गत बेस्ट म्यूजिक वीडियो का अवार्ड निर्देशक प्रशांत नायका को उनके म्युजिक एल्बम काप्पा रागा के लिए मिला। बेस्ट मोबाइल फिल्म के लिए मुदस्सिर ज़फर भट्ट को उनकी फिल्म द वर्ल्ड हैज़ एंड डेथ को अवार्ड दिया गया बेस्ट इंडियन स्टूडेंट फिल्म के लिए यांग जिमिक को उनकी फिल्म साइलेंस ऑफ़ द लाइब्रेरी को अवार्ड मिला बेस्ट स्टूडेंट इंडियन फिल्म के लिए निर्देशक एलिया जॉर्ज की कुरुंबा ने अवार्ड जीता वहीं फॉरेन स्टूडेंट फिल्म के लिए कायली टेन को हेड इन द क्लाउड अमेरिकी फ़िल्म को अवार्ड दिया गया। तथा अमेरिका के ही रिक्क वांट्स मूवी के लिए सेथ जोसफ मोरेलैंड के नाम हुआ।

बेस्ट एनीमेशन मूवी के लिए मलेशिया की द सेवेंथ नाईट माओ माओ के डायरेक्टर अहलूंग, चाइना की फिज़िक्स 3 के लिए डायरेक्टर युल्लिन हुआंग यी क्सिंग और बेस्ट कैटेगरी पुर्तगाल की एनीमेशन मूवी अ लेंडा दा नुवेम बैरता 2 के डायरेक्टर मारिया टेरेसा मुरेर को दिया गया।

बेस्ट डॉक्यूमेंट्री के लिए इंडिया से बालेंन्दु डी कौशिक को काशी मणिकर्णका के लिए अवार्ड दिया गया वहीं फॉरेन में कनाडा के रूट्स डिस्पोरा एंड वॉर के लिए निर्देशक फिल्म कॉमेऊ ने जीता।
बेस्ट लॉन्ग शॉर्ट फिल्म कैटेगरी में तीसरा पुरुस्कार मेलानिन मूस के लिए इंडिया से डायरेक्टर जीतिन जॉर्ज सेविर को, द्वितीय पुरस्कार हिरणचाअंबा के लिए अभिजीत पंचगाने को तथा पहला पुरुस्कार ऑस्ट्रेलिया की मूवी अ साइलेंट एस्कंप के लिए निर्देशक योगी देवगन ने जीता।

बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड योगी देवगन को अ साइलेंट एस्केप के लिए दिया गया। वहीं बेस्ट एक्टर मर्चेंट ऑफ़ विनाशा के लिए जैकी भावसर ने जीता। लॉन्ग शॉर्ट कैटेगरी में बेस्ट एक्ट्रेस के लिए सेवा चवन को हिरणचा अंबा के लिए पुरुस्कार दिया गया. शॉर्ट फ़िल्म के लिए तीसरा पुरुस्कार अलमा के निर्देशक सेबास्चियन सलाज़ क्लानो और फ़िल्म इंडिया की बृन्दा के लिए डायरेक्टर निशा लूथरा ने अपने नाम किया वहीं दूसरा अवार्ड फ़िल्म सोशियो के लिए थ्यूगो लउरा ने जीता। बेस्ट शॉर्ट प्रथम का अवार्ड इंटर द रूम अमेरिका के डायरेक्टर हैरी वाडमान ने हासिल किया।


बेस्ट डायरेक्टर के लिए अलमा के डायरेक्टर सेबास्चियन सलाज़ क्लानो को चुना गया। बेस्ट एक्टर फॉरंन के लिए स्पेन से लास्ट काऊबॉय के पाबलो वाडीज ने अवार्ड जीता वहीं बेस्ट फॉरेंन एक्ट्रेस के स्पेन से ही अलमा फ़िल्म के लिए कांस्टेनज़ा क्किरोगा एंड्रॉइड ने अवार्ड अपने नाम किया। बेस्ट एक्ट्रेस इंडिया के लिए वृंदा फ़िल्म की निशा लूथरा का चयन किया गया। बेस्ट फीचर फ़िल्म कैटेगरी का अवार्ड द्वितीय श्रेणी में बटरफ्लाई गर्ल 85 के लिए प्रशांत
मुरली पदमानभान तथा प्रथम पुरुस्कार परीक्षा मूवी के लिए डायरेक्टर विपिन मालवत को दिया गया। बेस्ट एक्टर का अवार्ड परीक्षा फ़िल्म के हीरो मुकुंद ने जीता वहीं बेस्ट एक्ट्रेस के लिए बटरफ्लाई गर्ल धन्या नाथ को पुरुस्कार दिया गया। बेस्ट फाउंडर चवाइस वाइस के लिए चेतन कौशिक को उनकी फ़िल्म फांस के लिए अवार्ड दिया गया।
इसके अलावा वेदा कुनबा के मालिक संपत सिंह राठौर, समाज सेवक जतिन और मशहूर पुस्तक विक्रेता शरद सिंह जी को सम्मानित किया गया इस प्रोग्राम की सबसे खास बात यह रही कि किसी फिल्म फेस्टिवल के इतिहास में यह पहली बार ऐसा हुआ है कि सिनेमा पर आधारित किताब को भी फेस्टिवल का हिस्सा बनाया गया है। इसीलिए बुक ऑफ सिनेमा कैटेगरी में बुक्स ऑन सिनेमा प्योर एविल बाय बालाजी विठ्ठल संजीव कुमार - द एक्टर वी ऑल लव्ड बाय रीता रामामुर्ध्य गुप्ता एंड उदय जरीवाला तथा किशोर कुमार द अल्टीमेट बायोग्राफी बाय अनिरुद्ध भटाचार्य , पार्थिव धर को अवार्ड दिया गया। फेस्टिवल के अंत में निर्णायक मंडल के सदस्य तौकीर अहमद, अजीत राय, नंदिता पुरी और धर्मेंद नाथ ओझा को सम्मानित किया गया। इसके बाद बिफ़्फ़ की पूरी टीम को साल भर दिए उनके सहयोग के कारण सम्मानित किया गया। एक दिवसीय इस फेस्टिवल का लाजवाब संचालन बिफ्फ़ की एंकर डॉ अल्पना सुहासिनी, दलबीर सिंह बंजारा तथा मोना शाह ने किया। हिमानी ऋषिराज बेहतरीन कथक डांस परफॉर्मेंस ने समा बांध दिया। बॉलीवुड गायिका अनुपमा श्री वास्तवा ने अपने गाने से फेस्टिवल में चार चाँद लगा दिए। वहीं हरियाणवी डांसर सोनिया सरताज ने हॉल में उपस्थित लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड एक्टर आशीष विद्यार्थी, एक्टर सुमित्रा हुड्डा, डायरेक्टर राजेश बब्बर, असीम सिन्हा, वंद
ना भाटिया, निर्देशक राजीव भाटिया निर्माता रमेश जुगलान ,एक्टर आशित चटर्जी, एक्टर रवि झंकाल, फ़िल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज भी मौजूद रहे।


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें